बेटी बचाओ = वंश बचाओ

SaveGirlबेटियाँ जो आगे चलकर एक बहन, एक पत्नी, एक बहू, एक माँ बनती है। जिसे हम घर की लक्ष्मी, अन्नपूर्णा और ना जाने कितने नामों से बुलाते है। ये ईश्वर की उन अमूल्य और सबसे खूबसूरत रचनाओं में से एक हैं, जिसके द्वारा समाज में खुशियाँ आती है। किसी का वंश आगे बढ़ाती हैं, किसको पत्नी तो किसी को बहू या बेटी के रूप में सहारा प्रदान करती हैं। आज का समाज इतना जागरूक होता जा रहा है की समाज में बेटियों को जन्म लेने से पहले ही मार दिया जा रहे है जिससे भविष्य में उनके लिए आने वाली परेशानियों मुख्यतः दहेज़ से मुक्ति मिल जाए।
पर ज़रा सोचिये की अगर बेटियाँ ऐसे ही मारी जायेंगी तो बच्चे को जन्म कौन देगा, शादियों में वधु का स्थान किसे मिलेगा, जिस हमसफ़र को हम लड़कियों में खोजते हैं, उसे कहाँ खोजने जाएंगे ?
शायद आपको आश्चर्य हो लेकिन सोचियेगा ज़रूर अगर लड़की ही नही होगी तो हमारा जीवन कैसा हो जाएगा ? सोचियेगा की अगर ‘स्मृति’ ना होती तो ‘मनु’ अकेले इस पृथ्वी का सृजन कैसे करते !! मजनू, राँझा, रोमियो, सलीम, महिवाल और हर आशिक़ किससे अपनी मोहब्बत फरमाते !!
जैसे मृत्यु एक साश्वत सत्य है वैसे ही जन्म के लिए माँ का गर्भ भी एक साश्वत सत्य है…
आप सभी से निवेदन है की आप तो जागरूक है ही उन्हें भी जागरूक करें जो इस बात से अनजान है की एक नारी का क्या महत्व है हमारे समाज में !!

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